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जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा वेबिनार के माध्यम से मुख्य सेविकाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पोषण माह की गतिविधियों के सम्बन्ध में निर्देश दिये गये

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ब्यूरो रिपोर्ट आरिफ खान

श्रावस्ती 23 सितम्बर 2020

जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा मुख्य सेविकाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पूर्वान्ह 11ः00 बजे जूम के माध्यम से वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में पोषण माह के दौरान आयोजित होने वाली गतिविधियों के सम्बन्ध में निर्देश दिये गये।
1. आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा सर्वे क्षेत्र के अन्तर्गत 0 से 05 वर्ष के समस्त बच्चों का वजन किया जायेगा। सर्वे क्षेत्र में कोई भी बच्चा वजन किये जाने से छूटना नहीं चाहिए। वजन किये जाने के उपरान्त बच्चों की पोषण श्रेणी अंकित की जायेगी। पोषण श्रेणी अंकित किये जाने के उपरान्त लाल-श्रेणी के बच्चों की ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस पर ए0एन0एम0 के माध्यम से स्क्रीनिंग करायी जायेगी। स्क्रीनिंग के उपरान्त प्राप्त सैम-मैम बच्चों की सूची के अनुसार बच्चों का प्रबन्धन किया जायेगा। स्क्रीनिंग के समय सैम बच्चों में से चिकित्सकीय जटिलता के बच्चों को चिन्हित कराते हुए पोषण पुर्नवास केन्द्र में सन्दर्भित कराया जायेगा। चिकित्सकीय जटिलता के बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सकीय परीक्षण कराते हुए पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराया जायेगा।
2. आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं मुख्य सेविका द्वारा लाभार्थियों के घर का भ्रमण करते हुए गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं अभिभावकों को पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं ऊपरी आहार के सम्बन्ध में परामर्श प्रदान किया जायेगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जांच कराने, टी0टी0 के टीके लगवाने, आयरन की गोली, विटामिन ‘‘सी‘‘ युक्त खाद्य पदार्थ (नींबू पानी) के साथ लेने एवं दूध के साथ नहीं लेने, कम से कम 04 बार ए0एन0सी0 चेकअप स्वास्थ्य केन्द्र पर कराने, पोषक आहार लेने एवं डिलेवरी स्वास्थ्य केन्द्र पर ही कराने परामर्श प्रदान करें।
06 माह से 02 वर्ष के बच्चों के अभिभावकों को ऊपरी आहार पुस्तिका से खाद्य पदार्थाें की विविधता, मात्रा, बारम्बारता, साफ-सफाई के सम्बन्ध में परामर्श दिया गया। ऊपरी आहार दिये जाने से पूर्व हाथ साबुन से धोने एवं ऊपरी आहार हेतु कटोरी चम्मच का उपयोग करने का परामर्श दिया गया। यह बताया गया कि कटोरी के उपयोग से ऊपरी आहार की मात्रा का पता चल जाता है। एवं अभिभावक को बच्चें को दिये जाने वाले ऊपरी आहार की मात्रा का पता चलता है।  बच्चों का समय समय पर वजन कराने, समस्त टीकें लगवाने एवं बच्चों के आरम्भिक 1000 दिनों की महत्व के बारें में परामर्श दिया जाय।
3. सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषण वाटिका की स्थापना कराना सुनिश्चित करें। लाभर्थियों के परिवारों एवं ग्रामवसियों को घर के पास पड़ी खाली भूमि पर पोषण वाटिका की स्थापना करने हेतु प्रेरित करें।
4. आंगनबाड़ी केन्द्रों पर व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन करे, जिसमें पोषाहार से बने व्यंजनों का प्रदर्शन शमिल करें। आंगनबाड़ी केन्द्र पर पोषण हेतु खाद्य समूहों की प्रदर्शनी लगाये। ग्रामवसियों को यह बताये कि 24 घण्टे के भोजन में 04 खाद्य समूहों को शामिल किया जाना आवश्यक है, जिससे पूरा पोषण मिलता है। पूरा पोषण मिलने से व्यक्ति स्वस्थ रहता हैं।
5. आंगनबाड़ी केन्द्र एवं गृह भ्रमण के दौरान हैडवाॅशिग का अभ्यास कराये, तथा परामर्श दे कि भोजन से पूर्व एवं शौच के बाद अनिवार्य रूप से साबुन से हाथ धोना चाहिए। साफ-सफाई से बीमारियों की आंशका कम हो जाती हैं।
6. किशोरियों की बैठ्क आयोजित करते हुए एनीमिया, खान-पान के प्रति जागरूकता एवं प्रति सप्ताह 01 नीली आयरन की गोली, नींबू पानी के साथ लेने के सम्बन्ध में परामर्श प्रदान करें।
7. ग्राम प्रधान के सहयोग से ग्राम के पुरूषों की बैठ्क सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए आयोजित करें। एवं उनसे पोषण, स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं आहार की विविधता पर चर्चा करें। पोषण विषय पर प्रश्न प्रतियोगिता का आयोजन करें।
8. ग्राम में पोषण रैली का आयोजन करें। रैली में निम्न नारों का प्रयोग किया जाय।
बीमारी में भी दे आहार।
थोड़ा-थोड़ा बार-बार।।
घर का खाना बहुत जरूरी।
वजन लम्बाई बढेगी पूरी।।
अलग कटोरी में खाना खिलाएं।
ऊपरी से घी तेल मिलाएं।।
चार मेल का खाना खिलाओ।
बच्चों को तंदुरूस्त बनाओ।।
बच्चों का वजन हर माह करायें।
स्वास्थ्य पोषण की जानकारी पायें।।
बाहर की चीजें रखे दूर।
बच्चे की सेहत हो भरपूर/

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