September 16, 2021

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दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना (स्वतः रोजगार योजना) का प्राप्त करे लाभ

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रिपोर्ट – सद्दाम हुसैन

देवरिया:जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) नीरज कुमार अग्रवाल ने बताया है कि ऊ0प्र0सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों के आर्थिक उत्थान हेतु उ०प्र०अनु० जाति वित्त एवं विकास निगम लि. द्वारा अनुसूचित जाति को व्यक्तियों / परिवार जिनकी ग्रामीण क्षेत्र में वार्षिक आय रू0 46080 एवं नगरीय क्षेत्र में वार्षिक आय 56460 से कम है उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु योजनायें संचालित है। सभी योजनाओं में आधार कार्ड, पहचान पत्र, दो फोटो तथा तहसील स्तर से प्राप्त आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र आदि संलग्न करना आवश्यक है। निगम द्वारा संचालित योजना पं0 दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना (स्वतः रोजगार योजना) में योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति के पात्र व्यक्तियो उद्योग/ व्यवसाय संचालित करने हेतु राष्ट्रीकृत बैंकों के माध्यम से रू० 20000 से लेकर रू० 1500000 तक की योजनायें स्वीकृत कराई जाती है, जिसमें रु0 10000 का अनुदान व रु0 50000 से अधिक की योजनाओं में योजना लागत का 25 प्रतिशत भाग 4 प्रतिशत वार्षिक व्याज दर पर मार्जिन मनी ऋण के रूप में दिया जाता है। नगरीय क्षेत्र दुकान निर्माण योजना में ऐसे अनुसूचित जाति के पात्र परिवार जिनके पास 13.32 वर्गमीटर व्यवसायिक स्थल पर भूमि उपलब्ध है,उन्हें स्वयं द्वारा दुकान निर्माण कराने हेतु दो किस्तों में (58500+19500) कुल रू0 78000 उनके खाते में भुगतान कर दुकान का निर्माण कराया जाता है जिसमें रू0 10000 अनुदान एवं रू0 68000 बिना ब्याज का ऋण होता है। जिसकी अदायगी 120 मासिक किस्तों में करनी होती है। इसमें तहसील द्वारा निर्गत आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा भूमि का प्रपत्र एवं तहसील द्वारा प्राप्त जमीन का नजरी नक्शा आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना आवश्यक है। अनुसूचित जाति के आर्थिक उत्थान हेतु विभाग द्वारा लाण्ड्री एवं ड्राईक्लीनिंग योजना संचालित है, जिसमें धोबी जाति को वरीयता दी जायेगी। इस योजना की कुल लागत रू० 2.16 लाख तथा 1.00 लाख निर्धारित है, जिसमें रू० 10000/-अनुदान तथा शेष धनराशि ब्याजमुक्त ऋण के रूप में है, जिसकी अदायगी पाँच वर्षों में समान मासिक (60) किश्तों में की जाती है। ऋण की अदायगी के क्रम में आवेदक से एक सरकारी सेवक की गारन्टी भी ली जाती है। अनुसूचित जाति के युवक / युवतियों के आर्थिक उत्थान हेतु विभाग द्वारा सिलाई/ टेलरिंग योजना संचालित है जिसकी योजना लागत रू0 20000 है जिसमें रू0 10000 अनुदान एवं रू0 10000 बिना ब्याज का ऋण होता है। उक्त समस्त योजनाओं में लाभ प्राप्त करने हेतु ग्रामीण क्षेत्र को पात्र व्यक्ति अपने विकास खण्ड में कार्यरत ग्राम विकास विकास अधिकारी/ सहायक विकास अधिकारी (स0क0) अथवा खण्ड विकास अधिकारी से एवं नगरीय क्षेत्र के पात्र व्यक्ति विकास भवन देवरिया में स्थापित कार्यालय जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास)/पदेन जिला प्रबन्धक ऊ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि0 देवरिया के कार्यालय में सहायक प्रबन्धक अथवा किसी कार्यालय सहायक से जानकारी प्राप्त कर उक्त योजनाओं में लाभान्वित होने के क्रम में 15 जुलाई 2021 तक आवेदन कर सकते हैं।

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