Top1 india news

No. 1 News Portal of India

फाइलेरिया मरीजों का दर्द बाँट रहा स्वास्थ्य विभाग

1 min read

रिपोर्ट – सद्दाम हुसैन मिडिया प्रभारी देवरिया

देवरिया: (उ0प्र0) देवरिया जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) संस्था के सहयोग से चिह्नित फाइलेरिया रोगियों के बीच फाइलेरिया किट का वितरण किया जा रहा है। साथ ही इस बीमारी से ग्रसित रोगियों को घरेलू रोग प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। फाइलेरिया के नये रोगियों की पहचान भी जारी है। जनवरी 2022 से अब तक 14 नये रोगियों की पहचान हुई, जिसके बाद जिले में अब रोगियों की संख्या 1606 हो गई है l

बनकटा ब्लाक के सोहनपुर निवासी अशोक बरनवाल बताते हैं कि उन्हें जाने अनजाने में यह गंभीर बीमारी हो गई, जिसका दर्द उन्हें जीवन भर सताएगा। फाइलेरिया मरीजों का दर्द सुनने के लिए स्वास्थ्य विभाग और सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) संस्था ने जो पहल किया है वह सराहनीय है। इनके द्वारा बनाये गए सपोर्ट ग्रुप के माध्यम से मरीजों की समस्याओं का निदान स्वास्थ्य विभाग और सीफार संस्था द्वारा किया जा रहा है। वह बताते हैं कि उन्हें घरेलू प्रबंधन के लिए उपचार किट भी दिया गया है,जिसमें टैब, मग, तौलिया, सवलॉन्न, ग्लव्स एवं दवा शामिल है। उन्हें बताया गया है कि प्रभावित अंग को अच्छी तरह से धोकर साफ करके रखना है ताकि इस पर किसी प्रकार का इंफेक्शन से जख्म न बन सके। सीएमओ डॉ आलोक पांडेय ने बताया कि जिले में चिह्नित रोगियों के बीच फाइलेरिया किट का वितरण किया जा रहा है। अब तक एक सौ से अधिक रोगियों के बीच रोग नियंत्रण और घरेलू प्रबंधन के लिए उपचार किट प्रदान किया गया है। इसमें टब, साबुन, पाउडर जैसी चीजें रहतीं हैं। दवा भी साथ में दी जाती है। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया के रोगियों को अपने पांव का अधिक ख्याल रखने कि पूरी जानकारी भी दी जा रही है। सीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया एक परजीवी रोग है। रोग का फैलाव मच्छर के काटने से होता है। इससे शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन, हाइड्रोसिल और हाथीपांव के रूप में प्रकट होता है। इसका प्रभाव सभी आयु वर्ग में होता है। फाइलेरिया पर नियंत्रण के लिए दो वर्ष के अधिक आयुवर्ग के लोगों के बीच एलवेंडाजोल की एक गोली कि खुराक खिलाई जाती है। यह दवा दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती को नहीं खिलाई जाती है।पानी में पनपते हैं फाइलेरिया के मच्छर एसीएमओ वेक्टर बार्न कंट्रोल प्रोग्राम डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पानी जमाव होने के कारण मच्छर पैदा होते हैं, जिसमें फाइलेरिया जैसी बीमारी फैलाने वाले मच्छर भी पनपते हैं। डेंगू व मलेरिया भी मच्छरों के कारण ही होते हैं। उन्होंने बताया सुबह व शाम फाइलेरिया प्रभावित मरीजों को शरीर के अंगों को नार्मल पानी से साबुन लगाकर नियमित साफ-सफाई करनी चाहिए। साथ ही साथ चिकित्सक द्वारा बताए गए व्यायाम विधि को अपनाने से सूजन नहीं बढ़ता। लगातार व्यायाम करने से सामान्य जीवन व्यतीत करने में सहायता मिलती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright ©2021 All rights reserved | For Website Designing and Development call Us:+91 7080822042
Translate »