January 28, 2022

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डीएम ने कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के संचालन हेतु दिया निर्देश

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रिपोर्ट – सद्दाम हुसैन

देवरिया: (उ0प्र0) देवरिया जिले मे राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजनान्तर्गत जनपद में 31 मई 2022 तक संचालित किये जाने वाले राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम (एन०ए०आई०पी०-3) के संचालन से सम्बन्धित दिशा निर्देश मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उ0प्र0 पशुधन विकास परिषद लखनऊ द्वारा दिए गए है।
जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने यह जानकारी देते हुए समस्त उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, वेटनरी फार्मासिस्ट एवं पशुधन प्रसार अधिकारी को निर्देशित किया है कि 31 मई 2022 तक की अवधि हेतु जनपद के समस्त गाँवों में उपलब्ध प्रजनन योग्य पशुओं को निःशुल्क कृत्रिम गर्भाधान से आच्छादित किया जायेगा।

जिन गायों को एन.ए.आई.पी-1 एवं एन.ए.आई.पी.-2 के अन्तर्गत आच्छादित नहीं किया गया है उन पर विशेष ध्यान दिये जाये। प्रजनन योग्य गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं को योजनान्तर्गत आच्छादित किया जाये। योजनान्तर्गत लाभान्वित होने वाले कृषकों/पशुपालकों की कम उत्पादकता वाले स्वदेशी प्रजाति गोवंशीय पशुओं को उच्च उत्पादकता वाले स्वदेशी प्रजाति के सांड़ जिनकी डैम यील्ड 3000 किलोग्राम से अधिक हो, से उत्पादित वीर्यस्ट्रा के माध्यम से चयनात्मक नस्ल द्वारा उच्चीकृत कर उत्पादकता में वृद्धि किया जाना, जिन ग्रामों में दुग्ध सहकारी समितियों क्रियाशील है उनके कृत्रिम गर्भाधान केन्द्रों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर कृत्रिम गर्भाधान का कार्य किया जाय तथा कृत्रिम गर्भाधान एवं उत्पन्न संतति का विवरण ससमय इनाफ़ पोर्टल पर अपलोड किया जाये। सफल गर्भाधान हेतु योजनान्तर्गत प्रति पशु 03 कृत्रिम गर्भाधान की व्यवस्था निहित है, यदि पशु 01 अथवा 02 कृत्रिम गर्भाधान के उपरान्त गर्भ धारण करता है तो शेष वीर्यस्ट्राज का उपयोग अतिरिक्त पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान आच्छादन हेतु किया जायेगा। इस प्रकार योजना अवधि में जनपद देवरिया में 86316 गोवंश एवं महिषवंश में कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। टैगिंग कार्यक्रम अन्तर्गत आच्छादित किए जाने वाले प्रत्येक पशु की यूएआई.डी टैगिंग करते हुए उनका डाटा इनाफॅ पोर्टल पर अपलोड किया जाना है तथा पशुपालकों को नकुल स्वास्थ-पत्र भी उपलब्ध कराया जाये।

जनपद में कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्पन्न संततियों में से 100 संतति के पैरन्टेट टेस्टिंग भी की जायेगी। इनाफ़ पोर्टल पर डाटा अपलोड करने में कुल का विवरण अंकन में सावधानी बरती जाये। इनाफ़ पोर्टल पर डाटा अपलोडिंग करने हेतु जनपद के ए०आई० टेक्नीशियनों को पशु संजीवनी योजनान्तर्गत उपलब्ध कराये गये टेबलेट अथवा स्वयं के मोबाईल फोन का उपयोग करते हुए इनाफॅ लाईट एप्लिकेशन पर डाटा उपलोड कराया जाये। डाटा रिपोटिंग कार्यक्रम अन्तर्गत किए गए प्रत्येक कृत्रिम गर्भाधान की रियल टाइम दैनिक प्रगति रिपोट इनाफ पोर्टल पर अवश्य अपलोड की जानी है। कार्यक्रम अन्तर्गत कृत्रिम गर्भाधान किये जाने के 03 माह के उपरान्त Follow Up Report Repeat A.I. Pregnancy Diagnosis एवं उत्पन्न संतति का विवरण (गोवंशीय की दशा में 280 दिन एवं महिषवंशीय की दशा में 310 दिन) इनार्फ पोर्टल पर अवश्य अपलोड किया जाय। जनपद के सांसद एवं विधायक को योजना के उद्देश्य एवं लाभ से परिचित कराया जाय। कार्यक्रम अन्तर्गत जनपद स्तर पर मेरी अध्यक्षता में एक त्रिसदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसके द्वारा साप्ताहिक रूप से कार्यक्रम की प्रगति के सम्बन्ध में बैठक की जायेगी (माह के प्रत्येक शुक्रवार को) पशु में कृत्रिम गर्भाधान करने के पश्चात सम्बन्धित पशुपालक को कृत्रिम गर्भाधान में उपयोग किए जाने वाले सीमेन स्ट्रा पर अंकित विवरण से मिल कराते हुए प्रयुक्त सीमेन स्ट्रा उपलब्ध कराना अनिवार्य है। अतिरिक्त प्रोत्साहन धनराशि योजना अन्तर्गत प्रथम कृत्रिम गर्भाधान के उपरान्त सफल गर्भधारण प्राप्ति की स्थित में रू0 200/- एवं द्वितीय गर्भाधान के पश्चात् सफल गर्भधारण प्राप्ति पर रू0 100/- की प्रोत्साहन धनराशि दी जायेगी। 02 से अधिक कृत्रिम गर्भाधान के पश्चात होने वाले गर्भधारण पर किसी अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के भुगतान का प्रावधान नहीं है। गर्भधारिता दर के आधार पर प्राविधानित अतिरिक्त प्रोत्साहन धनराशि का भुगतान सभी कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं को किया जायेगा योजना अन्तर्गत प्राईवेट कार्यकर्ताओं को प्रति कृत्रिम गर्भाधान एवं उत्पन्न सतति के सापेक्ष क्रमशः रू0 50 एवं रु0 100/- की प्रोत्साहन धनराशि दी जायेगी। गाईडलाईन के अनुसार कार्यक्रम का संचालन करते हुए कार्यक्रम को साप्ताहिक रिपोट निर्धारित प्रारूप पर परिषद मुख्यालय को प्रत्येक सोमवार को उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिए उन्होने निर्देशित किया है कि उक्त सूचना निर्धारित प्रारूप पर प्रत्येक बृहस्पतिवार को अवश्य उपलब्ध करा दें। इस कार्यक्रम हेतु डा० सतीश कुमार पशु चिकित्सा अधिकारी गौरीबाजार को नोडल अधिकारी नामित किया गया है, जिनका मोबाइल नम्बर 9628175842 है, इस नम्बर किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या से अवगत कराया जा सकता है।

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